पतंजलि के साथ एनआरएलएम की को-ब्रांडिंग पर भी सहमति बनी: डॉ. आनन्द स्वरूप

By: Dilip Kumar
3/26/2023 12:24:04 PM
हरिद्वार

कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट। दस दिवसीय संन्यास दीक्षा महोत्सव में चौथे दिन उत्तराखण्ड के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ऋषिग्राम पधारे जहाँ पतंजलि योगपीठ तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए जिसके अंतर्गत प्रदेश की माताओं-बहनों को सशक्त बनाकर उत्तराखण्ड को समृद्धशाली बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आज आधुनिकीकरण व नई तकनीक का जमाना है। हमारे स्वयं सहायता समूह को ट्रेनिंग देकर पतंजलि के माध्यम से और समृद्ध बनाया जाएगा। एक केन्द्रीकृत डेशबोर्ड बनेगा जिसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। इस वर्ष चार विकास खण्डों का चयन किया गया है जिसमें 4000 महिला किसानों को धरती का डॉक्टर मृदा किट का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा जैविक कृषि को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही उत्पादों की बिक्री के लिए हमारे पास स्वामी जी जैसे बड़े ब्रांड उपलब्ध रहेंगे।

इस अवसर पर स्वामी रामदेव जी महाराज ने कहा कि हम सामूहिकता के साथ जीवन में आगे बढ़ें तभी हम नूतन इतिहास रच सकते हैं। सामूहिक समृद्धि के, राष्ट्र समृद्धि के, भारत को परम वैभवशाली बनाने के जो हमारे सपने हैं, उसी दिशा में और आगे बढ़ते हुए हम कैसे इस देश को समृद्ध बनाएँ, उस दिशा में पतंजलि तथा उत्तराखण्ड सरकार के मध्य आज एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण विकास मंत्रलय-भारत सरकार एवं पतंजलि योगपीठ के तत्वावधान में एक नया कीर्तिमान गढ़ा जा रहा है।

कार्यक्रम में आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने कहा कि हम सबका लक्ष्य व मिशन उत्तराखण्ड के दुर्गम जीवन में अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाली माताओं-बहनों के जीवन में उन्नति और समृद्धि लाना है। हमारी माताएँ-बहनें मजबूत होंगी तो देश मजबूत होगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत माताएँ-बहनें लगभग 8 करोड़ स्वयं सहायता समूह चला रही हैं। वे जो उत्पाद बना रही हैं उन्हें गुणवत्तायुक्त कैसे बनाया जाए, उनकी एकाउंटिंग व मार्केटिंग से लेकर एण्ड-टू-एण्ड मार्केट सपोर्ट, ऑनलाइन व ऑफलाइन बिजनेस का एण्ड-टू-एण्ड सोल्यूशन आदि सबमें पतंजलि सहयोग करेगा।

कार्यक्रम में उत्तराखण्ड रूरल लाइवलिहुड मिशन के सीईओ डॉ. आनन्द स्वरूप ने कहा कि सरकार ग्रामीण महिलाओं की आजीविका बढ़ाने के लिए 2014 से कार्य कर रही है। वर्तमान में हमारे 60 हजार समूह गठित हो गए हैं जिनके माध्यम से लगभग 4 लाख 22 हजार महिलाएँ इस मिशन से जुड़ी हैं। अगले वर्ष हमारा लक्ष्य योजना को सेचुरेशन मोड में ले जाने का है। इस प्रकार पूरे देश में हमारा राज्य सैचुरेट होने वाला प्रथम राज्य बन जाएगा। एमओयू के प्रथम चरण में हम पतंजलि की 1000 पीओएस मशीन लागू कर रहे हैं। साथ ही मृदा परीक्षण किट ‘धरती का डॉक्टर’ के तहत हम 500 महिलाओं को प्रशिक्षित करेंगे जो गाँव-गाँव में मिट्टी का परीक्षण कर कृषि विभाग का सहयोग करेंगी। उन्होंने बताया कि पतंजलि के साथ हमारी को-ब्रांडिंग पर भी सहमति बनी है जिसमें एनआरएलएम ब्रांड और पतंजलि ब्रांड संयुक्त करके अपने समूह के उत्पादों को हम पतंजलि के स्टोर्स पर बिक्री कर सकेंगे। सायंकालीन सत्र में सुश्री मैथिली ठाकुर द्वारा ‘सनातन संगीत महोत्सव’ में भजनों की प्रस्तुति दी गई। उनकी मधुर वाणी से भजनों का श्रवण कर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति के रंग में सराबोर हो गए।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड रूरल लाइवलिहुड मिशन के एडिशनल सीईओ प्रदीप कुमार, डिप्टी कमिशनर ए.के. राजपूत, राजीव सिंघल, ज्वाइंट डायरेक्टर विवेक उपाध्याय, टीम लीडर शशांक कंचन, प्रोडक्ट मार्केटिंग प्रमुख बहन शीतल चौहान तथा संग्राम सिंह संधु उपस्थित रहे। पतंजलि की ओर से भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष  एन.पी. सिंह,अजय आर्य, बाबू पद्मसेन आर्य, महिला मुख्य केन्द्रीय प्रभारी साध्वी देवप्रिया जी, आचार्यकुलम् की निदेशिका बहन ऋतम्भरा शास्त्री, क्रय समिति अध्यक्षा बहन अंशुल, संप्रेषण विभाग प्रमुख बहन पारूल, मुख्य केन्द्रीय प्रभारी भाई राकेश कुमार ‘भारत’, डॉ. जयदीप आर्य, स्वामी परमार्थदेव आदि सभी वरिष्ठ उपस्थित रहे।


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